आयकर विभाग मैदान में, 10 लाख की लेनदेन दो लाख से अधिक कैश मिला तो कार्रवाई

By | September 10, 2018

भिलाई.विधानसभा चुनाव की आहट होते ही राजनीतिक पार्टियों के साथ- साथ आयकर विभाग (आईटी) में भी अब हलचल बढ़ने लगी है। बैंकों के खातों में 10 लाख या इससे अधिक ट्रांजेक्शन पर आईटी की नजर लगी हुई है। रिजर्व बैंक के माध्यम से सभी शासकीय और निजी बैंकों को पत्र लिखा जा रहा है कि दस लाख के अधिक के ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी विभाग को फौरन दी जाए। जिनके खातों या कैश के जरिये ऐसे ट्रांजेक्शन होंगे, उनसे पूछताछ का अधिकार आयकर विभाग को दे दिया गया है। यही नहीं, 2 लाख रुपए या ज्यादा के साथ पकड़े गए किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग को बताना होगा कि पैसे किस प्रयोजन के हैं और सबूत क्या है?

प्रिसिंपल चीफ कमिश्नर छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश पीसी दाश के दौरे के बाद आयकर का इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट अलर्ट हो गया है। इस विंग को अगर किसी की ओर से 10 लाख या इससे अधिक रकम के ट्रांजेक्शन की आशंका भी होगी तो छापे मारे जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर भी विभाग को कार्रवाई करने का अधिकार होगा। संदेही राशि को सीज करने का अधिकार उनके पास होगा। पूछताछ में हिसाब-किताब सही न मिलने पर रकम जब्त की जाएगी। राज्य के जिलों और विकासखंडों में तैनात सभी आयकर अधिकारियों को अभी से अलर्ट कर दिया गया है। आईटी अफसर अपनी कार्रवाई की पुष्टि के लिए लोकल इंटेलीजेंस ब्यूरो की भी सहायता ले सकेंगे।

1.50 लाख लेन-देन का ब्योरा भी लेगा आईटी:सूत्रों के मुताबिक आईटी को अधिकृत पर 10 लाख या इससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर नजर रखने के लिए कहा गया है, लेकिन विभाग के अधिकारियों को डेढ़ लाख या इससे अधिक रकम के ट्रांजेक्शन की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के दौरान छोटी-छोटी रकम बैंक से निकाली जा सकती है या उसका चुनाव में उपयोग किया जा सकता है। इसे लेकर भी सतर्क रहने को कहा गया है।

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दूसरे राज्यों से हो रहे कारोबार और कालेधन पर रहेगी नजर:केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का अनुमान है चुनाव के समय ही सबसे ज्यादा कालाधन निकलता है, उसे प्रत्याशी या पार्टी के सदस्य खर्च करते हैं और उसका ब्यौरा नहीं देते हैं। चुनाव आयोग से निर्धारित राशि से ज्यादा रकम खर्च की जाती है। इसे लेकर अब नजर रखी जाएगी। विभाग को यह भी आशंका है कि चुनाव में बाहरी राज्यों या स्मगलिंग और इसी तरह के कारोबार करने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। उनकी तरफ से भी उम्मीदवारों के लिए बाहरी या स्मगलिंग का पैसा उपयोग किया जाता है। इस तरह के पैसे पर भी आईटी की तरफ से रोक लगाई जाएगी।

एयरपोर्ट -स्टेशन परनजर:आयकर अमला एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और सड़कों पर कुछ खास जगह तैनात किया जा रहा है। यह टीम शक पर किसी से भी पूछताछ कर सकेगी। संबंधित व्यक्ति को जांच में सहयोग करना होगा, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्वतंत्रता होगी। उन्हें एफआईआर कराने का भी अधिकार दिया जाएगा।

दो लाख कैश पर भी फंसेंगे:भिलाई के सीए महावीर जैन ने बताया कि आयकर विभाग के आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति दो लाख से अधिक नकद लेकर चल ही नहीं सकता। दो लाख या इससे अधिक नकद राशि होने पर उन्हें विभाग को उसकी पूरी जानकारी देनी होगी। पकड़ी गई रकम को लेकर सही जवाब नहीं देने पर उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।

पैसे पकड़े तो होंगे ये सवाल:किसी भी व्यक्ति से बड़ी रकम पकडा़ने पर उसे आयकर विभाग को बताना होगा कि पैसे कहां से आए हैं? कहां ले जाए जा रहे हैं? क्या उपयोग किया जाने वाला है? कहां भुगतान करना था या है और इसके सबूत के रूप में ऑर्डर कॉपी, मैन्युफैक्चरिंग कास्ट, लागत राशि, फायदे की राशि के प्रमाण हैं या नहीं? यह भी बताना होगा कि सामान की खपत कहां की जानी है?

कैश के दस्तावेज साथ होंं:अफसरों का कहना है कि चुनाव के दौरान कारोबारी हो या फिर कोई भी व्यक्ति ज्यादा रकम लेकर न चले। अगर बड़ी रकम निकाल रहे हैं या उसे लेकर जा रहे हैं तो उससे जुड़े सारे दस्तावेज रखें। धोखे से यदि पैसा चुनावी कार्य में बांटा गया है तो उसका जानकारी विस्तार से आयोग को दें। कारोबारी लेनदेन और फैक्ट्री- मजदूर भुगतान के नाम से बड़ी रकम ले जाने वालों पर भी निगरानी रहेगी।

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