भारत बंद: परीक्षाएं निरस्त, रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, व्यापारियों ने किया समर्थन

By | September 8, 2018
ग्वालियर। दो अप्रैल को हुए उपद्रव के कड़वे अनुभव को पुलिस और प्रशासन बखूबी याद रखे है। बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्य सचिव बीपी सिंह ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि 6 सितंबर भारत बंद को लेकर व्यवस्था चौकस रखी जाएं। कुछ भी ऐसा न हो कि एक नई स्थिति निर्मित हो जाए। दो अप्रैल को जिन क्षेत्रों में लॉ-एंड-ऑर्डर की स्थिति बिगड़ी, वहां सुरक्षा खास रखी जाए। मुख्य सचिव के निर्देश और सर्वणों के आंदोलन की गति को देखते हुए पुलिसप्रशासन किसी भी तरह का रिस्क लेने को तैयार नहीं है।कलेक्टर और एसपी ने बुधवार को जिला शांति समिति की बैठक में सहयोग व शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं धारा-144 लागू होने की स्थिति में बंद कराने के लिए निकलने वाले सर्वण संगठनों को लेकर अफसर असमंजस की स्थिति में हैं। आप धारा-144 हटाइए, हम सब शांतिपूर्ण करेंगे कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने सवर्ण संगठनों और सपाक्स संगठन के पदाधिकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। बैठक में सर्वण समाज के संत कृपाल सिंह, महेश मुदगल,सुरेंद्र तोमर,मितेंद्र सिंह,सुरेंद्र जायसवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

पदाधिकारियों ने कलेक्टर से कहा- धारा 144 को हटाया जाना चाहिए, जैसे पिछले भारत बंद के आह्वान के दौरान पूरी तरह शांति रही, अब भी कोई शांति भंग नहीं करेगा। बैठक में पदाधिकारियों ने कलेक्टर से दो अप्रैल के उपद्रव को लेकर कहा कि पहले प्रशासन कुछ नहीं कर सका। इस पर कलेक्टर ने कहा कि गड़े मुर्दे उखाड़ने का कोई मतलब नहीं है। सवर्ण समाज के सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने कलेक्टर व एसपी को शांति बनाए रखने का भरोसा दिलाया।

पुलिस प्रशासन के रडार पर रहेंगे अतिसंवेदनशील क्षेत्र दो अप्रैल के उपद्रव में सबसे ज्यादा लॉ-एंड-ऑर्डर मुरार, थाटीपुर और डबरा में बिगड़ा था। यही कारण है यह पूरा बेल्ट पुलिस प्रशासन की रडार पर ज्यादा रहेगा। यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में दोगुना फोर्स लगाया गया है और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सहित पुलिस अधिकारी एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों में पूरे समय निगरानी रखेंगें। वहीं यहां बंद कराने आने वाले सर्वण समाज के लोगों को लेकर भी पुलिस खास अलर्ट है।

पेट्रोल पंप रहेंगे बंद

भारत बंद को लेकर व्यापारियों ने भी इसे समर्थन दिया है जिसके चलते शहर के पेट्रोल पंप बंद रहेंगें। वहीं हाइवे और पुलिस-एसएएफ के पंप चालू रहेंगे। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार बंद समर्थन और सुरक्षा कारण दोनों ही दृष्टि से ऐसा निर्णय लिया गया है।

शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी, सरकारी ऑफिस-बैंक खुलेंगें

कलेक्टर ने सभी निजी व सरकारी स्कूल व कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में गुरुवार को अवकाश घोषित किया है। इसके अलावा सरकारी ऑफिस, बैंक व शासकीय सभी उपक्रम रोजाना की तरह खुलेंगे और कार्य होगा। यात्री परिवहन नहीं चलेगा, टेंपो ऑटो यूनियनों ने न चलाने की घोषणा की है। अप्रिय स्थिति की आशंका के चलते यह निर्णय लिया है। वहीं अस्पताल,मेडिकल और इमरजेंसी सेवाओं के केंद्र बंद नहीं रहेंगें। वहीं अभा क्षत्रिय महासभा ने भारत बंद की अपील की है और प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधी। राष्ट्रीय परशुराम सेना भारत बंद को लेकर शांति की अपील करते हुए बैठक आयोजित की।

Sponsored Ads

धारा का उल्लंघन तो मुकदमा

कलेक्टर ने बताया कि जिले में धारा 144 का प्रभावी रूप से पालन कराया जाएगा। निर्धारित संख्या से ज्यादा अगर संगठनों के पदाधिकारी या कार्यकर्ता बंद कराने सड़कों पर उतरेंगें तो मुकदमा कायम किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया ह

रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट एससी-एसटी एक्ट के विरोध में बंद के आह्वान को देखते हुए आरपीएफ मुख्यालय ने हाई अलर्ट घोषित किया है। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बुधवार से ही रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के 38 एवं आरपीएफ के 16 जवान तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।

नहीं चलेगी एम्बुलेंस

जयारोग्य अस्पताल की एम्बुलेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के विरोध में गुरुवार को जेएएच में खड़ी होने वाली 50 एम्बुलेंस नहीं चलेंगी। गौरतलब है कि वर्तमान में जेएएच से शव ले जाने का काम प्राइवेट एम्बुलेंस ही करती हैं, ऐसे में निजी एम्बुलेंस बंद रहने से परेशानी बढ़ सकती है। जेयू में परीक्षा निरस्त जीवाजी विश्वविद्यालय में 6 सितंबर को होने वाली सभी परिक्षाएं बंद के चलते निरस्त कर दी गईं हैं। इन परीक्षाओं को कराने के आगामी तारीख बाद में निर्धारित की जाएगी।

बंद का व्यापारियों ने किया समर्थन, आज नहीं खोलेंगे प्रतिष्ठान

एट्रोसिटी एक्ट के दुष्प्रभाव को देखते हुए चैंबर ने भी बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने आह्वान किया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नहीं खोलेंगे, एक्ट के विरोध में आवाज उठाएंगे। बैठक में व्यापार समिति दाल बाजार, ग्वालियर लोहा व्यवसायी संघ, दि ग्वालियर होलसेल क्लॉथ मर्केन्टाइल एसोसिएशन नया बाजार, सोना-चांदी व्यवसाय संघ सराफा बाजार, टोपी बाजार एसोसिएशन, नजरबाग मार्केट, सुभाष मार्केट, नेहरू मार्केट, बिरला नगर इण्डस्ट्रियल एरिया, जयेन्द्रगंज व्यवसायी संघ, ग्वालियर सेनेट्री डीलर एसोसिएशन आदि सभी प्रमुख बाजारों की एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक निर्णय लिया कि एक्ट के विरोध में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा और कानून को वापस लेने की पुरजोर मांग की जाएगी।

दवा व्यवसाय शाम तक बंद

केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश अरोरा ने कहा कि बंद को हमारा नैतिक सहयोग है और विरोध को दर्शाने के लिए थोक दवा विक्रेता शाम 4 बजे तक अपने संस्थान बंद रखेंगे।

कैट ने किया बंद का समर्थन

कैट ने भी 6 सितंबर के बंद का समर्थन करते हुए व्यापारियों से संस्थान बंद रखने का आह्वान किया है। कैट अध्यक्ष रवि गुप्ता ने बताया कि व्यापारी एक्ट के विरोध में स्वेच्छा से बंद रखें। आह्वान करने वालों में भूपेन्द्र जैन, दीपक पमनानी, नीरज चौरसिया, विवेक जैन, राहुल अग्रवाल एवं रीना गांधी आदि शामिल हैं।

Sponsored Ads

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *