कर्नाटक चुनाव रिजल्ट: भाजपा जीत की ओर, कांग्रेस पिछड़ी- जनता दल सेक्युलर फिर मजबूत

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बेंगलुरु/नई दिल्ली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजों की तस्वीर साफ होती जा रही है। यहां तीन पार्टियां मुख्य तौर पर मुकाबले में हैं। भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर यानी जेडीएस। इन पार्टियों की बात करने से पहले एक आंकड़े पर गौर करना बेहद जरूरी है। 1952 के बाद इस चुनाव में मतदान प्रतिशत सबसे ज्यादा रहा।

….जिसे सुनकर चौंक जाएंगे आप
– चुनाव आयोग के मुताबिक, कर्नाटक चुनाव के दौरान 94 करोड़ रुपए कैश, 24.78 करोड़ की शराब और इसके अलावा करीब 66 करोड़ के कपड़े, गाड़ियां और दूसरे सामान भी बरामद किए गए।
– कर्नाटक में कुल मिलाकर 4.97 मतदाता हैं। इनमें से 2.52 करोड़ पुरुष और 2.45 करोड़ महिलाएं हैं। 15.42 लाख नए मतदाता हैं, इनकी उम 18 से 19 साल है।

तीन पार्टियां: किसको मिलेगा सत्ता सुख

कांग्रेस: पांच साल से सत्ता में है। राहुल गांधी ने गुजरात से ज्यादा मेहनत कर्नाटक चुनाव में की है। उन्होंने 20 रैलियां और 40 रोड शो किए। राहुल ने कुल मिलाकर करीब 55 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। कर्नाटक का गढ़ बचाने के लिए भी मैदान में उतरीं। इसके पहले वो यूपी चुनाव में नहीं आईं थीं। बहरहाल, अब सवाल ये है कि क्या कांग्रेस फिर से सरकार बना पाएगी या सत्ता विरोधी लहर का जो चलन कर्नाटक में रहा है, कांग्रेस को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कहा जा रहा है कि कांग्रेस हो सकता है सबसे बड़ी पार्टी बन जाए लेकिन, वो बहुमत के स्पष्ट और जादुई आंकड़े से तो दूर ही रहेगी।

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भाजपा: बीजेपी उत्साह से लबरेज है लेकिन कहीं ना कहीं उसे भी लग रहा है कि बहुमत का आंकड़ा उससे दूर रह सकता है। और ने इस चुनाव में जमकर पसीना बहाया। जाहिर से बात है बीजेपी को अपने सीएम कैंडिडेट बीएस. येद्दियुरप्पा से ज्यादा भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रहा। यही वजह कि मोदी ने इस चुनाव में भी तय रणनीति के हिसाब से रैलियां कीं और भाषण भी नपेतुले दिए। राहुल गांधी ने बयान लोकसभा चुनाव को लेकर दिया लेकिन मोदी ने उनके प्रधानमंत्री बनने वाली बात को कैश करने की कोशिश की। मोदी ने कुल 21 रैलियां कीं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने 29 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। बता दें कि गुजरात चुनाव में उन्होंने 34 और बिहार में 31 रैलियां कीं थीं।

जनता दल सेक्युलर: कहा जा रहा है कि देवगौड़ा और उनके बेटे एचडी. कुमारस्वामी की पार्टी इस चुनाव में किंगमेकर का रोल अदा करने जा रही है। इसका मतलब ये हुआ कि जनता दल सेक्युलर इतनी सीटें तो हासिल कर ही लेगी कि वो खुद भले ही अपने दम पर सरकार ना बना पाए लेकिन सरकार कौन बनाएगा? यह तय करने में उसका रोल जरूर रहेगा। एग्जिट पोल्स का उदाहरण ही लिया जाए तो ये कहा जा रहा है कि जेडीएस 28 से लेकर 35 सीटें तक जीत सकती है। अगर ऐसा होता है तो कर्नाटक की सत्ता तय करने में उसका रोल सबसे अहम होने वाला है।

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