एक्सीडेंट होने पर 30 सेकेंड में चला जाएगा फैमिली को मैसेज

By | May 17, 2018

जब एक्सीडेंट पीड़ित की एमरजेंसी केयर की बात आती है तो पहला एक घंटा गोल्डन आवर यानी वो कीमती वक्त होता है जिसमें दी गई मेडिकल हेल्प उसकी जिंदगी बचा सकती है। इस दौरान उसे कैसा ट्रीटमेंट मिला, इसका असर उसके सर्वाइवल चांस पर पड़ता है। इस तरह की प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशन के लिए गार्डियन बी-सेफ मोबाइल ऐप की शुरुआत की। सिटी बेस्ड तनुज मित्तल इसके फाउंडर और मानिक गुप्ता को-फाउंडर हैं। एक महीने पहले शुरू हुई इस ऐप के साथ अब तक ट्राईसिटी के बीस हजार लोग जुड़ चुके हैं। मंगलवार को इसके बारे में उन्होंने जानकारी दी।

ऐप का खयाल तनुज को चार साल पहले आया। कहते हैं- एक ग्रुप ऑफ कंपनीज के वाइस प्रेसिडेंट होने के चलते मुझे काफी ट्रेवल करना पड़ता है। एक बार ट्रेवल करते समय मन में ख्याल आया कि अगर मेरा एक्सीडेंट हो जाए तो मेरे परिवार को इसकी सूचना कितनी देर में मिलेगी? पुलिस भी आरटीओ के माध्यम से काफी समय बाद पता कर पाएगी कि मैं कौन हूं और कहां से हूं। इसलिए क्यों न टेक्नोलॉजी कोई ऐसा हल निकाला जाए कि किसी भी एक्सीडेंट विक्टिम को उचित उपचार मिल सके। फिर मैंने इसे मानिक से शेयर किया। साढ़े तीन साल इसपर रिसर्च हुई और तीन महीने इसे तैयार करने में लगे। एक्सीडेंट की सूचना देने के अलावा यह पार्किंग प्रॉब्लम को स्मार्ट सॉल्यूशन देगा।

Road Safety App

एक्सीडेेंट और पार्किंग से जुड़ी प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशन के लिए गार्डियन बी-सेफ मोबाइल एेप की शुरुआत की सिटी बेस्ड तनुज मित्तल और मानिक गुप्ता ने ।

सिटी बेस्ड तनुज और मानिक गुप्ता।

एक्सीडेंट के दौरान ऐसे करेगी हेल्प

इस ऐप में एक्सीडेंट कैटेगरी में जाकर रिपोर्ट एक्सीडेंट को क्लिक करना होगा। घायल व्यक्ति की फैमिली के मोबाइल पर लोकेशन के साथ 30 सेकेंड में मैसेज और ईमेल चली जाएगी कि उनके परिवार के व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया है। यह ऑप्शन भी है कि ऐप के जरिए ही पुलिस को इसकी सूचना दी जा सकती है। घायल हुए व्यक्ति का व्हीकल इस पर रजिस्टर नहीं है तो सीधा पुलिस को इस के जरिए इन्फॉर्मेशन दी जा सकती है।

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एक मिनट में एेप पर रजिस्ट्रेशन

ये हैं रिपोर्टेड केस

चंडीगढ़ 2016 2017 2018 अब तक

एक्सीडेंट 332 346 58

मोहाली 2016 2017 2018 अब तक

एक्सीडेंट 565 509 84

पंचकूला 2016 2017 2018 अब तक

एक्सीडेंट 73 53 अपडेट नहीं

रॉन्ग पार्किंग की समस्या सुलझेगी

कोई दूसरा व्यक्ति रॉन्ग पार्किंग करते हुए आपकी कार के पीछे अपनी कार लगाकर चला गया। इसका सॉल्यूशन भी इस में है। आप ऐप पर जाकर रॉन्ग पार्किंग करने वाले व्यक्ति को टेक्स्ट मैसेज कर सकते हैं कि वह अपनी कार को हटाए। इसके बाद आप परेशानी से बच सकते हैं।

इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक मिनट में पूरा हो जाता है। ऐप पर रजिस्टर करते समय आपको व्हीकल का रजिस्ट्रेशन नंबर और अपना या परिवार के किसी मेंबर का कॉन्टेक्ट नंबर डालना है। आपको सिर्फ यह बताना है कि आप व्हीकल के ओनर, को-ओनर या गार्डियन हैं। इसमें एक परिवार की अनगिनत गाड़ियाें के नंबर और अनगिनत फोन नंबर रजिस्टर किए जा सकते हैं। इसे प्ले स्टोर में जाकर फ्री इंस्टॉल कर सकते हैं।

कहते हैं ट्रैफिक एडवाइजर

पंजाब के ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप असीजा कहते हैं- रोड एक्सीडेंट में गोल्डन आवर में ट्रीटमेंट देने के लिए ये अच्छा स्टेप है। जहां तक रॉन्ग पार्किंग की बात है तो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एम परिवहन नाम से एक ऐप को यूज कर रही है। इसके तहत जैसे ही गाड़ी रजिस्टर होती हैं, उसका पूरा डेटाबेस बन जाता है। इस में नंबर डालकर पुलिस ई-चालान भी करती है और ओनर को मैसेज चला जाता है कि उसका चालान हो गया है। फर्क इतना है कि एम-परिवहन पर रजिस्टर होने की जरूरत नहीं। जबकि गार्डियन बी-सेफ मोबाइल ऐप पर दोनों का रजिस्टर होना जरूरी है। मुंबई में एम परिवहन ऐप को इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल पंजाब के दस टोल प्लाजा में इसे एक्सपेरिमेंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, जल्द ही इसे सब जगह शुरू किया जाएगा।

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