OBC व SC के बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार, जल्द शुरू होंगी योजनाएं

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OBC व SC के बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार, जल्द शुरू होंगी योजनाएं

प्रदेश सरकार अब राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) के बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने के लिए खास मुहिम छेड़ेगी। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम और  पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम जल्द ही अपनी कुछ खास योजनाएं शुरू करने की घोषणा करेंगे।
दोनों निगमों की पहल को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व के 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए दलित व ओबीसी को पाले में खींचने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। दोनों निगमों के चेयरमैन बड़े जोरशोर से यह प्रचारित करने से भी नहीं चूक रहे कि पिछली सपा-बसपा सरकारों ने जानबूझ कर निगमों को कंगाल बनाए रखा और योजनाएं ठप रहीं।

सस्ती ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा

उ.प्र. अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के चेयरमैन राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त बाबूराम निषाद ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में बताया कि पिछली सपा-बसपा सरकारों की ओबीसी को लेकर चली गई उपेक्षापूर्ण नीति के तहत इस निगम की योजनाएं 2012-13 से ठप पड़ी हैं। यही नहीं यह निगम आर्थिक तौर पर कंगाल हो गया है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम से लिया गया ऋण भी समय से नहीं चुका सका। अभी भी हमारे निगम पर 61 करोड़ रुपये की बकाएदारी है।
अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त विकास  निगम ने 35 ऐसे रोजगार छांटे हैं जिनके लिए गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ओबीसी परिवारों के बेरोजगारों को सस्ती ब्याज दर पर रोजगार शुरू करने के लिए ऋण दिया जाएगा। इनमें मार्जिन मनी, समृद्वि योजना, टर्मलोन, रिक्शा-टांगा-ठेलिया, कढ़ाई-बुनाई जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत 20 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक का ऋण मुहैया करवाया जाएगा।

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लाण्ड्री योजना का लाभ

उ.प्र.अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की अभी तक सिर्फ धोबी समाज के लिए लागू लाण्ड्री योजना का लाभ अनु.जाति की अन्य बिरादरियों को भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके तहत किसी भी सम्माजनक पेशें को शुरू करने के लिए ऋण एक लाख और 2 लाख 16 हजार रुपये का होगा, जिसमें 10 हजार रुपये सरकार की ओर से अनुदान भी होगा।

अधिकतम 15 लाख रुपये की सहायता 

पं.दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजागार योजना के तहत पशुपालन, डेयरी उद्योग, खाद एवं बीज स्टोर, मधुमक्कखी पालन, टी.स्टाल, टेण्ट हाउस, कास्मेटिक शाप, टैक्सी आदि का कारोबार शुरू करने के लिए अनुसूचित जाति के बेरोजगारों को कम से कम 20 हजार और अधिकतम 15 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें दस हजार अनुदान होगा।  25 प्रतिशत मार्जिन मनी चार प्रतिशत सस्ती ब्याज दर पर और बाकी 75 प्रतिशत राशि बैंक की सामान्य प्रचलित दर पर दिलवाई जाएगी। इसके अलावा हाथ से मैला साफ करने वाले चिन्हित स्वच्छकारों को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 15 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा

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