मूवी ‘102 नॉट आउट’ रिलीज हुयी, ऐसी कॉमेडी पहले कभी नही देखी होगी

By | May 4, 2018

निर्देशक उमेश शुक्ला की मूवी ‘102 नॉट आउट’ सोशल मैसेज देने वाली एक बढ़िया फिल्म है. फिल्म के द्वारा उन्होंने बुजुर्गों की लाइफ का एक अलग फॉर्मेट दिखाने की कोशिश की है. फिल्म में थोड़ी कॉमेडी के साथ इमोशनल भी करती है.

मूवी '102 नॉट आउट' रिलीज हुयी, ऐसी कॉमेडी पहले कभी नही देखी होगी

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फिल्म में दत्तात्रेय वखारिया के नाम से अमिताभ बच्चन बूढ़ा व्यक्ति है, जो खुद की लाइफ को पूरी तरह खुलकर और खुशी-खुशी जीता है ये 118 साल तक जीने का रिकॉर्ड बनाएंगे. वखारिया अपने लाइफ से निगेटिव चीजों को दूर रखा है. मस्ती में जीता है. बह अपने 75 साल के बेटे बाबूलाल ऋषि कपूर के साथ रहता है, जो कि अपने पिता से ही अलग है. इसी बीच बाबूलाल के जिंवन में कोई खुशी ही नहीं है.

इसी बीच दत्तात्रेय वखारिया ये तय करता है कि यदि उनका बेटा अपने रहन-सहन नहीं बदलेगा तो वो उसे वृद्धाश्रम भेज देगा. कहानी दोनों बाप-बेटे के आस – पास घूमती नजर आती है. दोनों के बीच मामला बिठाने की कोशिश करता है धीरू फिल्म में जिमित त्रिवेदी.

यह मूवी नॉवेल पर बेस्ड है, यह बताती है कि उम्र सिर्फ एक नंबर ही है. डायरेक्टर शुक्ला ने बड़ी ही समझदारी से इस विषय को फिल्म के माध्यम से दिखाया है, इसमें दो ओल्ड मैन लीड रोल में हैं. फिल्म में कुछ भी आर्टिफिशियल नही दिखाया है.

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सौम्या जोशी की स्टोरी सेंसेटिव और दिल को अन्दर तक छुने वाली है. इसमें इन्होंने बताया बूढ़ापे के डर को भगाया जाता, बताने की कोशिश की है. इस फिल्म का नाम भी उनके नॉवेल के नाम पर ही रखा गया है. जोशी की यह स्टोरी कुछ इस रूप से इस बारे में बाताती है कि कैसे लाइफ, बुढ़ापे और मौत के प्रति इंसान का नजरिया होता है. शुक्ला ने मूवी शूट के लिए मुंबई सिटी में एक आकर्षक घर का सेट तैयार किया था. स्टोरी लाइन के हिसाब से फिल्म की लंबाई 101 मिनट लगभग है. फिल्म शुरू होने के कुछ समय बाद ही पता चल जाता है कि लीड कैरेक्टर का रोल क्या होगा. फिल्म में डायलॉग्स फन से भरे है.

मूवी मे अमिताभ बच्चन ने अपने सभी किरदार को बेहतरीन तरीके से किया है. इसके विपरीत ऋषि कपूर ने भी अपनी अदाकारी से सभी का दिल जीत लिया. अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर ने बाप-बेटे का किरदार अच्छी तरह निभा रहे है. ऋषि, बेटे के रोल में ज्यादा जम रहे हैं. धीरू के रोल में जिमित त्रिवेदी भी जमे है। उन्होंने दो बूढ़े बाप-बेटे के बीच खुद को मैनेज करने की कोशिश की. फिल्म का क्लाइमेक्स फिल्म के नेचर से मैच नहीं करता है.

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